आठवीं पुण्यतिथि पर पूर्व पीएम और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को देश नमन कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उनके स्मारक 'सदैव अटल' पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। पीएम मोदी के पहले अटलजी के समाधि स्थल 'सदैव अटल' पर पहुंच कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत दूसरे बड़े नेता भी अटल जी के समाधि स्थल पर पहुंच कर श्रद्धांजलि दी। सीएम योगी ने अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी है।
अद्भुत दूरदर्शिता वाले असाधारण राजनेता - पीएम मोदी
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहा हूं। अद्भुत दूरदर्शिता वाले एक असाधारण राजनेता के तौर पर, उन्होंने अपना जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया। उनके विचारों और प्रयासों ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया और उनके नेतृत्व ने हमारे देश को मजबूत बनाया। सुशासन और जन-कल्याण पर उनका ज़ोर हमेशा हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।'
सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि
सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि राष्ट्रनिष्ठा, लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्श राजनीति के शिखर पुरुष, पूर्व प्रधानमंत्री, 'भारत रत्न' श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।
सीएम योगी ने एक्स पर कहा, 'अटल जी ने अपने ओजस्वी चिंतन, मर्यादित आचरण और कर्मनिष्ठ जीवन से भारतीय लोकतंत्र में शुचिता, राजनीति में नैतिकता तथा राष्ट्रसेवा के उच्च आदर्श स्थापित किए। उनका संपूर्ण जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना का जीवंत उदाहरण है। राष्ट्रोन्नति के प्रति उनके अटूट संकल्प आज भी प्रत्येक देश वासी को 'विकसित भारत' के निर्माण हेतु निरंतर प्रेरित करते हैं।'
93 साल की उम्र में हुआ था निधन
देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी की आज 8वीं पुण्यतिथि है। 16 अगस्त 2018 को दिल्ली के एम्स में 93 साल की उम्र में उनका निधन हुआ था। उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है।
3 बार देश के पीएम रहे थे अटल बिहारी वाजपेयी
अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल रहे, जिन्होंने अपनी राजनीतिक कुशलता के साथ-साथ अपनी वाकपटुता और संवेदनशील व्यक्तित्व से भी अलग पहचान बनाई। वे तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे। उनका पहला कार्यकाल 1996 में 13 दिनों का था, जबकि 1998-99 में उन्होंने दोबारा प्रधानमंत्री पद संभाला। इसके बाद 1999 से 2004 तक उन्होंने पूर्ण कार्यकाल पूरा किया।
स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को बढ़ाया आगे
वाजपेयी को एक प्रखर वक्ता, कवि और कुशल राजनेता के तौर पर याद किया जाता है। उनके नेतृत्व में भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया और देश की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को नई गति मिली। उनकी सरकार के दौरान स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को आगे बढ़ाया गया।
अटल बिहारी वाजपेयी को साल 2015 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनकी राजनीति में विरोधियों के प्रति सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता की मिसाल आज भी दी जाती है।
कविताएं, भाषण और राजनीतिक विचार आज भी लोकप्रिय
16 अगस्त 2018 को उनके निधन के बाद से हर साल उनकी पुण्यतिथि पर देश उन्हें श्रद्धा से याद करता है। उनकी कविताएं, भाषण और राजनीतिक विचार आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। अटल बिहारी वाजपेयी की 8वीं पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर लोग उनकी कविताओं और उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों को याद कर रहे हैं।
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